1 अप्रैल से कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ ₹195 महंगा, आम जनता की जेब पर सीधा असर
देश में एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जो आज से लागू हो गई है। 19 …
देश में एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जो आज से लागू हो गई है। 19 …
देश में एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जो आज से लागू हो गई है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 218 रुपये तक की वृद्धि की गई है। इस फैसले का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा।
नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब पहले से महंगा हो गया है। इसी तरह मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरों को थोड़ी राहत मिली है।
इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है, जबकि पहले यह 1884.50 रुपये थी। कोलकाता में अब यह 2208 रुपये, मुंबई में 2031 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये में मिलेगा। अन्य शहरों में भी इसी तरह कीमतों में इजाफा देखने को मिला है।
इससे पहले भी 7 मार्च को एलपीजी के दाम बढ़ाए गए थे। उस समय घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर महंगे हुए थे। बीते एक साल में यह दूसरी बार है जब कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी दाम बढ़ाए गए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल एलपीजी की कीमत बढ़ने से होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि बाहर खाना अब पहले से ज्यादा महंगा हो सकता है।
India Meteorological Department (मौसम विभाग) ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए तात्कालिक चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले 3 घंटों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने …
India Meteorological Department (मौसम विभाग) ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए तात्कालिक चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले 3 घंटों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और बेवजह घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
बुधवार तड़के से ही प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर समेत करीब 20 जिलों में बारिश दर्ज की गई है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के लगभग 40 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस बदलाव की वजह पश्चिमी विक्षोभ को बताया गया है, जिसके चलते मौसम अचानक बिगड़ गया है।
पिछले 24 घंटों में मथुरा, जालौन और कन्नौज में ओलावृष्टि हुई, जबकि कानपुर समेत कई जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई।
वाराणसी में देर रात तेज आंधी चली, जिसके बाद सुबह हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में यहां भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है।
भदोही में तेज बारिश के साथ करीब 30 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चली, जबकि अयोध्या में हल्की बारिश और बादल छाए हुए हैं।
लखनऊ में सुबह 3 बजे से लगातार बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। वहीं प्रयागराज में रात में आंधी के बाद हल्की बारिश हुई और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश और बादलों के कारण कई जिलों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि Banda सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.4°C रिकॉर्ड किया गया।
बारिश और तेज हवा का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। Sambhal के किसानों का कहना है कि गेहूं की लगभग 50% फसल खराब हो गई है, जबकि मसूर की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:
किसानों को सलाह दी गई है कि पकी फसल की तुरंत कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें।
उत्तर प्रदेश में मौसम का यह अचानक बदलाव लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। जहां तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत मिली है, वहीं तेज बारिश और आंधी ने किसानों और आम जनजीवन को प्रभावित किया है। अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
नई दिल्ली, 1 अप्रैल 2026। देश में आज से नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है और हर साल की तरह इस बार भी 1 अप्रैल कई अहम बदलाव …
नई दिल्ली, 1 अप्रैल 2026। देश में आज से नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है और हर साल की तरह इस बार भी 1 अप्रैल कई अहम बदलाव लेकर आया है। सरकार, बैंकिंग सिस्टम, रेलवे और टैक्स व्यवस्था से जुड़े कई नियमों में बड़े बदलाव लागू कर दिए गए हैं। इनका सीधा असर आम आदमी की जेब, खर्च, बचत, यात्रा और डिजिटल लेन-देन पर पड़ने वाला है।
अगर आप नौकरीपेशा हैं, व्यापारी हैं या रोजमर्रा के डिजिटल ट्रांजैक्शन करते हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आज से लागू हुए ये 7 बड़े बदलाव क्या हैं और ये आपकी जिंदगी को कैसे प्रभावित करेंगे—
भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब अगर आप अपनी कंफर्म टिकट कैंसिल कराना चाहते हैं, तो आपको ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करना होगा। तभी आपको रिफंड मिलेगा।
पहले यह समय सीमा सिर्फ 4 घंटे थी, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। रेलवे का मानना है कि इससे आखिरी समय पर टिकट कैंसिल करने की प्रवृत्ति कम होगी और वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को समय रहते सीट मिल सकेगी।
असर क्या होगा?
रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब आप ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल सकते हैं।
पहले यह सुविधा चार्ट बनने तक ही सीमित थी, जिससे कई यात्रियों को परेशानी होती थी।
असर क्या होगा?
हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ा बदलाव लागू हुआ है।
अब आपको टोल टैक्स देने के लिए FASTag, UPI या QR कोड जैसे डिजिटल माध्यमों का ही इस्तेमाल करना होगा।
असर क्या होगा?
पैन कार्ड से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब सिर्फ आधार कार्ड के आधार पर पैन कार्ड नहीं बन सकेगा।
अब आपको पहचान के लिए अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे, जैसे—
साथ ही, अब आपके PAN कार्ड पर वही नाम होगा जो आधार कार्ड में दर्ज है।
असर क्या होगा?
अब अगर आप ATM से UPI के जरिए बिना कार्ड के पैसा निकालते हैं, तो वह भी आपके महीने के फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में गिना जाएगा।
पहले कई लोग UPI ATM को अलग मानते थे, लेकिन अब बैंक इसे भी सामान्य ट्रांजैक्शन की तरह गिनेंगे।
असर क्या होगा?
ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए अब हर डिजिटल ट्रांजैक्शन पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य कर दिया गया है।
इसका मतलब है कि अब सिर्फ OTP ही नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त सुरक्षा परत भी जरूरी होगी—
असर क्या होगा?
नए वित्त वर्ष के साथ इनकम टैक्स प्रणाली को भी सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
असर क्या होगा?
1 अप्रैल 2026 से लागू ये नए नियम भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम की ओर इशारा करते हैं। जहां एक तरफ सरकार सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ लोगों को अपने खर्च और लेन-देन के तरीकों में बदलाव करना होगा।
इसलिए जरूरी है कि आप इन नए नियमों को अच्छी तरह समझें और अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को उसी के अनुसार अपडेट करें, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के नुकसान या परेशानी से बचा जा सके।
लखनऊ, 31 मार्च 2026। योगी आदित्यनाथ की माता पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पुलिस हिरासत में हाथ जोड़कर माफी मांगता …
लखनऊ, 31 मार्च 2026। योगी आदित्यनाथ की माता पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पुलिस हिरासत में हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आ रहा है।
वीडियो में मौलाना अब्दुल्ला सलीम कहता है कि उसकी जुबान से मुख्यमंत्री की माता के लिए गलत और आपत्तिजनक शब्द निकल गए, जिसके लिए वह माफी मांगता है। वह आगे कहता है कि भविष्य में वह ऐसी गलती नहीं करेगा और लोगों से भी अपील करता है कि अपने भाषण में किसी व्यक्ति या धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी न करें।
कल तक जो अब्दुल्ला माँग रहा था #योगी की माँ का “250 ग्राम गोश्त” आज वही गिड़गिड़ाने लगा
— Sudarshan उत्तर प्रदेश (@SudarshanNewsUp) March 31, 2026
हाथ जोड़कर बोला अब्दुल्ला “गलती हो गई, माफ़ कर दो मुझे”
UP पुलिस ने कल बिहार से अब्दुल्ला को किया था गिरफ़्तार
गिड़गिड़ाते हुए बोला अब्दुल्ला “मेरे मुँह से गंदी बातें निकली”
इस्लामिक… pic.twitter.com/ODXJgkjsF6
बताया जा रहा है कि 6 मार्च 2025 को मौलाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह योगी आदित्यनाथ और उनकी माता के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करता दिखाई दिया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए Uttar Pradesh Special Task Force (STF) ने कार्रवाई की और आरोपी को पूर्णिया जिले से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सामने आए वीडियो में वह अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगता दिख रहा है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की ओर से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास तवज्जो नहीं मिली। पाकिस्तान के …
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की ओर से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास तवज्जो नहीं मिली। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार द्वारा दोनों देशों के बीच ‘मिडिल मैन’ बनने की बात कही गई थी, लेकिन ईरान ने इस प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
ईरान ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान द्वारा आयोजित किसी भी मंच से उसका कोई लेना-देना नहीं है और यह पूरी तरह पाकिस्तान का अपना मामला है। इस प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान की पहल पर सवाल उठने लगे हैं।
इस घटनाक्रम पर इजरायल की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। इजरायली विदेश मंत्रालय की विशेष दूत फ्लूर हसन-नहूम ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस तरह की मध्यस्थता करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर भी निशाना साधा और उसकी मंशा पर सवाल खड़े किए।
इजरायल ने इस दौरान भारत की भूमिका की तारीफ भी की। फ्लूर हसन-नहूम ने कहा कि भारत एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभरा है और वैश्विक मंच पर संतुलित तथा सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत जैसे देश अंतरराष्ट्रीय विवादों में बेहतर मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मंच पर मध्यस्थता के लिए विश्वसनीयता और संतुलित कूटनीति जरूरी होती है, जिसमें कुछ देशों की छवि अहम भूमिका निभाती है।
फिलहाल, ईरान-अमेरिका के बीच तनाव जारी है और इस मामले में आगे क्या रुख अपनाया जाएगा, इस पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2026 से PAN (Permanent Account Number) से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जो आम लोगों की रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों को प्रभावित …
नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2026 से PAN (Permanent Account Number) से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जो आम लोगों की रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों को प्रभावित करेंगे। ये बदलाव आयकर नियम 2026 के तहत लागू किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य छोटे लेनदेन को आसान बनाना और बड़े खर्चों पर निगरानी बढ़ाना है।
नए नियमों के तहत जहां छोटे लेनदेन में राहत दी गई है, वहीं बड़े खर्चों और निवेश पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सरकार का फोकस पारदर्शिता बढ़ाने और टैक्स सिस्टम को मजबूत बनाने पर है।
अब PAN में दर्ज नाम पूरी तरह आधार के अनुसार ही होना चाहिए। अगर दोनों में अंतर हुआ तो आवेदन में परेशानी आ सकती है। इसलिए पहले ही आधार डिटेल अपडेट करने की सलाह दी गई है।
1 अप्रैल के बाद पुराने PAN आवेदन फॉर्म मान्य नहीं होंगे। नए फॉर्म जारी किए जाएंगे, जिनका उपयोग करना अनिवार्य होगा।
👉 यानी छोटे-छोटे लेनदेन में राहत, लेकिन कुल सालाना कैश ट्रैक होगा
इन नए नियमों से साफ है कि PAN अब आपकी वित्तीय पहचान का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। छोटे खर्च जहां आसान होंगे, वहीं बड़े लेनदेन पर सरकार की नजर और सख्त होगी।
नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां शीतला मंदिर में भगदड़ मचने से कम से कम 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि …
नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां शीतला मंदिर में भगदड़ मचने से कम से कम 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 10 से 12 लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।
यह घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा स्थित शीतला मंदिर की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर में अत्यधिक भीड़ और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण यह हादसा हुआ।
बताया जाता है कि शीतला मंदिर में हर मंगलवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। आज भी बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया। हालांकि, भगदड़ कैसे मची, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। कई एंबुलेंसों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मंदिर परिसर को खाली करा दिया गया है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
फिलहाल मृतकों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, आज नालंदा विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का आयोजन भी होना है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं प्रशासन की लापरवाही तो इस हादसे का कारण नहीं बनी।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ किन परिस्थितियों में मची।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी माँ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई …
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी माँ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद की गई, जिसमें मौलाना एक धार्मिक सभा के दौरान विवादित बयान देते हुए नजर आया था।
जानकारी के अनुसार, मौलाना अब्दुल्ला सलीम बिहार के जोकीहाट क्षेत्र का निवासी है। यूपी STF की टीम ने उसे पूर्णिया जिले के दलमालपुर चौक इलाके से पकड़ा और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है।
इस मामले में अमौर विधानसभा क्षेत्र से AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि मौलाना को पुलिस ने हिरासत में लिया है या किसी और ने पकड़ा है। बाद में पुलिस से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि उसे यूपी STF ने कानूनी कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया है।
दरअसल, बीते 6 मार्च को सोशल मीडिया पर मौलाना का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी माँ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहा था। इसके बाद राज्य में इस बयान को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिला।
इस वीडियो के सामने आने के बाद कई संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश में 120 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद अब यूपी पुलिस मौलाना से पूछताछ करेगी और पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों की पुलिस सतर्क हो गई है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
नई दिल्ली। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed के सरगना Masood Azhar को बड़ा झटका लगा है। उनके बड़े भाई Mohammad Tahir Anwar की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। भारतीय …
नई दिल्ली। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed के सरगना Masood Azhar को बड़ा झटका लगा है। उनके बड़े भाई Mohammad Tahir Anwar की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस खबर की पुष्टि की है, हालांकि उनकी मौत के कारणों को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है।
सूत्रों के मुताबिक ताहिर अनवर जैश-ए-मोहम्मद के भीतर बेहद प्रभावशाली और सक्रिय सदस्य था। वह संगठन की कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा और उसे संगठन की “रीढ़” माना जाता था। उसकी अचानक मौत से आतंकी नेटवर्क में हलचल मच गई है।
बताया जा रहा है कि ताहिर अनवर का अंतिम संस्कार Bahawalpur में किया जाएगा, जहां जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख हेडक्वार्टर स्थित है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और पाकिस्तान में हो रही गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
ताहिर अनवर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अभी भी रहस्य बना हुआ है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से कई तरह के संदेश वायरल हो रहे हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
सूत्रों के अनुसार जिस स्थान पर ताहिर अनवर की मौत हुई, वहीं से 25 अक्टूबर 2025 को एक महिला आतंकी विंग की शुरुआत की गई थी। बताया जाता है कि ‘जमात उन मोमिनात’ नामक इस विंग के गठन में भी ताहिर अनवर की अहम भूमिका थी।
ताहिर की मौत के बाद पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के बीच हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इससे जैश-ए-मोहम्मद के संचालन और रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू पर नजर रखे हुए हैं।
नई दिल्ली। लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश दशकों तक नक्सलवाद की …
नई दिल्ली। लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश दशकों तक नक्सलवाद की समस्या से जूझता रहा, लेकिन अब हालात में बड़ा बदलाव आया है और छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाकों में नक्सलवाद काफी हद तक खत्म हो चुका है।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा के कारण नक्सलवाद को बढ़ावा मिला और सत्ता के लिए आदिवासियों को भड़काया गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से अपनी समस्याएं संसद में उठाए जाने की मांग करता रहा, लेकिन उन्हें वर्षों तक यह अवसर नहीं मिला।
#WATCH | Delhi: Speaking in the Lok Sabha on the fight against Naxalism, Union Home Minister Amit Shah says, "…Now, I would like to speak about their leader Rahul Gandhi. Throughout his long political career, Rahul Gandhi was seen on numerous occasions with Naxals and their… pic.twitter.com/aECrxbeJb6
— ANI (@ANI) March 30, 2026
गृह मंत्री ने कहा कि 1970 से लेकर 2026 तक नक्सलवाद देश के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहा। उन्होंने कहा कि अब इस विषय पर संसद में गंभीर चर्चा होना एक सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने विपक्ष से सवाल करते हुए पूछा कि इतने वर्षों में नक्सलवाद खत्म क्यों नहीं हो पाया और बस्तर जैसे क्षेत्र विकास से पीछे क्यों रह गए।
अमित शाह ने कहा कि जो लोग नक्सलवाद का समर्थन करते नजर आते हैं, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे संविधान में विश्वास रखते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि देश संविधान के अनुसार ही चलेगा और हिंसा का रास्ता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
गृह मंत्री ने भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इस यात्रा में कई नक्सल समर्थित फ्रंटल संगठनों की भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि यह सब रिकॉर्ड में मौजूद है।
इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2010 में ओडिशा की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक ऐसे व्यक्ति के साथ मंच साझा किया था, जिसने वहां भड़काऊ भाषण दिया था और उन्हें माला पहनाई थी। साथ ही 2018 में हैदराबाद में कुछ विवादित व्यक्तियों से मुलाकात का भी उल्लेख किया।
अमित शाह ने कहा कि 1970 से लेकर मार्च 2026 तक नक्सलवाद और हिंसा को वैचारिक समर्थन मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान करीब 20 हजार लोगों की जान गई और इसके लिए कांग्रेस की विचारधारा जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि:
“नक्सलियों के साथ रहते-रहते कांग्रेस और उसके नेता खुद नक्सलवादी बन गए हैं।”
गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद 75 वर्षों में से करीब 60 साल तक विपक्षी दलों ने शासन किया, लेकिन इसके बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग गरीबी में जीवन जीते रहे और हजारों युवाओं की जान गई।
अमित शाह ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से अब आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब इन इलाकों में सड़क, बैंक, मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
इस बयान के बाद संसद में सियासी माहौल और गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
