पिंडरा (वाराणसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर पिंडरा क्षेत्र में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने बिहार के एक …
पिंडरा (वाराणसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर पिंडरा क्षेत्र में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने बिहार के एक युवक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसका पुतला फूंककर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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हिंदू युवा वाहिनी, वाराणसी के तत्वावधान में ब्लॉक इकाई पिंडरा के पदाधिकारियों ने ब्लॉक अध्यक्ष निर्मल सिंह धीरू के नेतृत्व में रमईपुर चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की मां के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी को लेकर आक्रोश जताया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर संबंधित युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि इस प्रकार की टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मौके पर ब्लॉक उपाध्यक्ष नीरज सिंह, ब्लॉक महामंत्री अभिषेक सिंह, महामंत्री सौरभ सिंह, ब्लॉक मंत्री पंकज प्रजापति, ब्लॉक मंत्री विवेक कुमार सिंह, सप्पु पाल, संतोष मिश्रा, आनंद चौबे सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वाराणसी। मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और सैन्य तनाव का असर अब काशी के पर्यटन उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल क्षेत्र में बढ़ते तनाव के …
वाराणसी। मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और सैन्य तनाव का असर अब काशी के पर्यटन उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वाराणसी आने वाले विदेशी पर्यटकों समेत कई लोगों ने अपनी यात्रा योजनाएं रद्द कर दी हैं। इससे शहर के होटल, गेस्ट हाउस और ट्रैवल एजेंसियों के कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार मार्च और अप्रैल का महीना विदेशी पर्यटकों की आमद के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस बार अचानक बड़ी संख्या में बुकिंग रद्द होने से पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगा है। अनुमान है कि अब तक करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित कारोबार पर असर पड़ चुका है।
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पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में 200 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने अपनी वाराणसी यात्रा रद्द या स्थगित कर दी है। यूरोप और खाड़ी देशों से आने वाले पर्यटकों की बड़ी संख्या में बुकिंग कैंसिल होने से होटल, गेस्ट हाउस और ट्रैवल एजेंसियों को सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस बीच खाड़ी देशों में काम करने वाले पूर्वांचल के लोगों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार दुबई, कतर, सऊदी अरब और ओमान समेत अन्य देशों में वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही और मिर्जापुर के करीब 200 से अधिक लोग फिलहाल फंसे हुए बताए जा रहे हैं। हवाई उड़ानों के प्रभावित होने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण उनकी घर वापसी फिलहाल मुश्किल बनी हुई है।
इसके अलावा इजराइल में सेवायोजन कार्यालय के माध्यम से वाराणसी से 37 लोग काम के लिए गए हुए हैं। युद्ध की स्थिति को देखते हुए वहां भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और उड़ानों पर असर पड़ने से उनकी वापसी फिलहाल टल गई है।
दुबई में काम कर रहे वाराणसी निवासी अशोक यादव ने फोन पर बताया कि युद्ध के कारण वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कुछ उड़ानों को भी प्रभावित किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने भारत लौटने के लिए टिकट बुक कराई थी, लेकिन अचानक फ्लाइट कैंसिल हो गई, जिससे अब लोग नई उड़ानों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि मीडिया में लगातार युद्ध और तनाव की खबरें प्रसारित होने के कारण पर्यटक फिलहाल यात्रा करने से बच रहे हैं। कई लोगों ने पहले से कराई गई बुकिंग को आगे की तारीखों में शिफ्ट कराने का अनुरोध भी किया है।
टूर प्लानर सुधांशु सक्सेना का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में 200 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने अपनी वाराणसी यात्रा रद्द या स्थगित कर दी है। वहीं ट्रैवल एजेंट गौतम पांडेय के मुताबिक मार्च और अप्रैल का समय विदेशी पर्यटकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इस बार कई टूर पैकेज कैंसिल हो गए हैं। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो पर्यटन कारोबार को और नुकसान हो सकता है।
ट्रैवल एजेंट अरविंद शुक्ला ने बताया कि खाड़ी देशों और यूरोप से आने वाले पर्यटकों की संख्या में अचानक गिरावट आई है। कई लोगों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी यात्रा आगे बढ़ा दी है, जिससे होटल और ट्रैवल सेक्टर प्रभावित हुआ है।
वहीं ट्रैवल एजेंट सूर्यांश तिवारी का कहना है कि कई पर्यटक फिलहाल स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही हालात सुधरेंगे, तब वे अपनी यात्रा दोबारा प्लान कर सकते हैं।
वाराणसी। शहर के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए नगर निगम और बीएचयू ने संयुक्त रूप से काम करने का फैसला किया है। इस संबंध …
वाराणसी। शहर के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए नगर निगम और बीएचयू ने संयुक्त रूप से काम करने का फैसला किया है। इस संबंध में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के बीच हुई बैठक में कई अहम परियोजनाओं पर सहमति बनी। दोनों संस्थानों के बीच जल्द ही एक औपचारिक समझौता (एमओयू) किया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न विकास कार्यों को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
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बैठक में तय किया गया कि विश्वविद्यालय के बाहरी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत मालवीय गेट से डाफी तक के मार्ग का सुंदरीकरण किया जाएगा, जिससे इस इलाके में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी। इसके अलावा कंदवा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नई जलनिकासी लाइन बिछाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
विश्वविद्यालय परिसर के भीतर भी स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और निराश्रित पशुओं के नियंत्रण के लिए नगर निगम अपनी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इससे परिसर में रहने वाले हजारों छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और परिसर का वातावरण अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
इस साझेदारी का एक अहम पहलू शैक्षणिक समन्वय भी होगा। इसके तहत हर वर्ष बीएचयू के 50 छात्रों को नगर निगम में इंटर्नशिप का अवसर दिया जाएगा। इससे छात्रों को शहरी नियोजन, नगर प्रबंधन और सामाजिक उद्यमिता जैसे विषयों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जो उनके करियर के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी दोनों संस्थान मिलकर कार्य करेंगे। नगर निगम द्वारा डोमरी क्षेत्र में विकसित किए गए शहर के सबसे बड़े मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट के संरक्षण और देखरेख में बीएचयू के वनस्पति वैज्ञानिक सहयोग करेंगे। वैज्ञानिक समय-समय पर क्षेत्र का निरीक्षण कर पौधों के बेहतर विकास के लिए तकनीकी सुझाव देंगे। यह पहल काशी में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ-साथ शहरी वनीकरण के एक प्रभावी मॉडल के रूप में भी सामने आ सकती है।
बैठक के दौरान नगर निगम और बीएचयू के बीच लंबे समय से चल रहा संपत्ति कर विवाद भी सुलझा लिया गया। नगर निगम ने विश्वविद्यालय को कुछ पुरानी देनदारियों में राहत दी है, जबकि बीएचयू ने शेष बकाया राशि को किस्तों में चुकाने पर सहमति जताई है। इस सहमति से दोनों संस्थानों के बीच सहयोग का नया रास्ता खुल गया है।
वाराणसी। आगामी नवरात्रि और अन्य प्रमुख त्योहारों को देखते हुए नगर निगम ने शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं। …
वाराणसी। आगामी नवरात्रि और अन्य प्रमुख त्योहारों को देखते हुए नगर निगम ने शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नगर निगम ने शहर में संचालित निजी पार्किंग स्थलों के संचालकों से विस्तृत विवरण मांगा है। पार्किंग शुल्क को लेकर नागरिकों द्वारा जताई गई आपत्तियों के निस्तारण के लिए यह जानकारी एकत्र की जा रही है, ताकि शुल्क निर्धारण और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
इसके अलावा शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग से ‘पिक एंड ड्रॉप प्वाइंट’ विकसित करने की योजना पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि इससे मुख्य सड़कों पर वाहनों की अनावश्यक भीड़ कम होगी और यातायात सुचारु रहेगा।
बैठक में नगर आयुक्त ने सभी वार्डों में मार्ग प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए और जिन स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था अपर्याप्त है वहां नई लाइटें लगाई जाएं, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार त्योहारों के मद्देनजर शहर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के दौरान माला-फूल बेचते हुए सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने वाली ‘नीली आंखों वाली मोनालिसा’ एक बार फिर चर्चा में हैं। खबर है कि मोनालिसा भोसले ने मुस्लिम …
प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के दौरान माला-फूल बेचते हुए सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने वाली ‘नीली आंखों वाली मोनालिसा’ एक बार फिर चर्चा में हैं। खबर है कि मोनालिसा भोसले ने मुस्लिम युवक फरमान खान के साथ शादी कर ली है। बताया जा रहा है कि दोनों ने केरल में विवाह किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
वायरल तस्वीरों में मोनालिसा लाल रंग के शादी के जोड़े में मंदिर में शादी करती दिखाई दे रही हैं। उनके साथ फरमान खान भी मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इस शादी को लेकर मोनालिसा के परिवार ने आपत्ति जताई है।
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परिवार से विवाद के बाद मांगी पुलिस सुरक्षा
मोनालिसा ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि शादी के बाद उन्हें और उनके पति को अलग करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि दोनों की जान को खतरा हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मोनालिसा बालिग हैं और उन्हें अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है। फिलहाल पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए दोनों को सुरक्षा उपलब्ध कराई है।
फिल्म डायरेक्टर ने लगाया ‘लव जिहाद’ का आरोप
इस मामले में फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने आरोप लगाया है कि मोनालिसा ‘लव जिहाद’ का शिकार हुई हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मोनालिसा के लिए एक शिक्षक रखा था, जिसने उनकी मुलाकात फरमान खान से करवाई। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और यह शादी हुई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों व दावों की पुष्टि की जा रही है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस …
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस कप्तानों (SP) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कालाबाजारी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से गलत जानकारी फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीएम के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सभी जिलों की पुलिस को पेट्रोल पंपों के आसपास निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अफवाह से बचा जा सके।
इसके अलावा जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग को गैस एजेंसियों और दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और पेट्रोल, डीजल व गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहेगी।
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा है कि जनपद में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है। किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के …
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा है कि जनपद में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है। किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर इनकी आपूर्ति सुचारू रूप से कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर ईंधन और घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। प्रशासन की ओर से अफवाह फैलाने और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई ऐसा करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने यह भी कहा कि पीएनजी गैस सप्लाई को नियमित बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में भी गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
गैस की कमी से जुड़ी अफवाहों के बीच बुधवार को जिलाधिकारी ने सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराने की जरूरत नहीं है। सभी उपभोक्ताओं को घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल पहले की तरह नियमित रूप से मिलता रहेगा। उन्होंने बताया कि आमतौर पर एक घरेलू गैस सिलेंडर लगभग एक महीने तक चलता है, इसलिए सिलेंडर लेने के बाद दोबारा बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल रखा गया है।
जिलापूर्ति अधिकारी के.बी. सिंह ने बताया कि वाराणसी में कुल 81 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं और लगभग 10.36 लाख उपभोक्ता हैं। प्रतिदिन करीब 23,600 उपभोक्ताओं के गैस सिलेंडर रिफिल किए जाते हैं। यह व्यवस्था पहले की तरह सुचारू रूप से चल रही है और सभी उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
वाराणसी। गर्मी का असर लगातार बढ़ने के बीच श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। दर्शन के लिए आने वाले …
वाराणसी। गर्मी का असर लगातार बढ़ने के बीच श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को धूप और गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से मंदिर परिसर में जर्मन हैंगर की व्यवस्था की गई है।
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मंदिर प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था उन श्रद्धालुओं के लिए की गई है जो कतार में खड़े होकर बाबा के दर्शन का इंतजार करते हैं। जर्मन हैंगर के लगने से अब श्रद्धालुओं को धूप और तेज गर्मी से काफी राहत मिलेगी और वे बिना किसी परेशानी के शांतिपूर्वक भगवान श्री विश्वेश्वर का दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत के साथ ही धाम में श्रद्धालुओं की संख्या और कतार की लंबाई बढ़ने की संभावना रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पहले से ही यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा कतार में खड़े श्रद्धालुओं के साथ आने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी विशेष ध्यान में रखा गया है। जर्मन हैंगर की व्यवस्था से उन्हें भी धूप और गर्मी से बचाव मिलेगा और वे आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित दर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
वाराणसी। बनारस का मौसम इन दिनों पहेली बना हुआ है। एक ही दिन में तीन से चार ऋतुओं जैसा अनुभव काशीवासियों को हो रहा है। सुबह धुंध और कोहरा, दोपहर में चुभने वाली धूप, शाम को उमस भरी गर्मी और रात में हल्की ठंडक का एहसास लोगों को हैरान कर रहा है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने आम लोगों के साथ-साथ मौसम वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च महीने में इस तरह का मौसम दुर्लभ होता है, लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में ऐसा होना असंभव भी नहीं है। इससे पहले वर्ष 2008 में भी ऐसी स्थिति देखी गई थी। वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि कोहरे और धुंध से जुड़ी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
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इस बीच मंगलवार को वाराणसी में रात के तापमान ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 9.3 डिग्री अधिक होकर 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले मार्च महीने में इतनी अधिक रात का तापमान वर्ष 2021 में दर्ज किया गया था।
वहीं, पिछले तीन से चार दिनों में शहर का प्रदूषण स्तर भी बढ़ गया है। वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 44 अंक बढ़कर 104 तक पहुंच गया। शहर में सबसे खराब हवा बीएचयू क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां AQI 143 रहा। इसके अलावा अर्दली बाजार में 124, मलदहिया में 81 और भेलूपुर में 68 AQI दर्ज किया गया।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पछुआ हवा बंद हो गई है और वेंटिलेशन कम हो गया है। इसके कारण दिन में बनी गर्मी रात में बाहर नहीं निकल पा रही है, जिससे रात का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने की वजह से धुंध की स्थिति बन रही है। आने वाले चार से पांच दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क बना रह सकता है। हालांकि 15 मार्च के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में इस सीजन की पहली बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट भी आ सकती है।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा …
वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलवार को यातायात पुलिस लाइन सभागार में ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने की।
बैठक में जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक तथा सह केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा को पूरी शुचिता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाए।
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जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी मजिस्ट्रेट परीक्षा के दौरान अपने-अपने केंद्रों पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि परीक्षा से पहले केंद्रों को पूरी तरह से सेनेटाइज कराया जाए और सभी कक्ष निरीक्षकों तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की ब्रीफिंग कर दी जाए। उन्हें परीक्षा के नियमों, प्रक्रिया और अनुशासन से जुड़ी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग सही ढंग से की जाए और डीवीआर के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोकॉपी की दुकानें परीक्षा के समय बंद रहें।
उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग और फ्रिस्किंग की जाए। किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति न दी जाए। अभ्यर्थियों के लिए क्लॉक रूम में मोबाइल फोन रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में भर्ती बोर्ड से आए सदस्यों ने परीक्षा के दौरान अपनाई जाने वाली सभी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने सील बुकलेट खोलने, प्रश्नपत्र वितरण, अनुपस्थित अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड, वेरिफिकेशन शीट भरने और वीडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर एडीएम (सिटी) आलोक कुमार वर्मा सहित परीक्षा से जुड़े सभी सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।