शर्मनाक: 16 हजार रुपए और 10 बनारसी साड़ी के लालच में मां ने 12 साल की बेटी को बेच दिया, वाराणसी में दो दरिंदों ने चार महीने तक नाबालिग से किया दुष्कर्म
वाराणसी। जिले में रिश्तों को शर्मसार करने और मानवता को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सारनाथ थाना पुलिस ने एक नाबालिग लड़की की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई …
वाराणसी। जिले में रिश्तों को शर्मसार करने और मानवता को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सारनाथ थाना पुलिस ने एक नाबालिग लड़की की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसकी सगी मां सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लालच में अंधी हो चुकी मां ने अपनी ही मासूम बेटी का सौदा चंद रुपयों और साड़ियों के लिए कर दिया। इसके बाद दो दरिंदों ने चार महीने तक नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया।
ट्रेन के सफर से शुरू हुआ खौफनाक खेल
इस दर्दनाक दास्तां की शुरुआत करीब चार महीने पहले एक ट्रेन यात्रा के दौरान हुई थी। पीड़िता और उसकी मां की मुलाकात ट्रेन में चंदौली निवासी लहरू यादव से हुई थी। लहरू की पत्नी की मौत हो चुकी थी, इसलिए उसने नाबालिग की मां के सामने उसे खरीदने का प्रस्ताव रखा। पैसों के लालच में आकर मां ने अपनी ममता का गला घोंट दिया और सौदा तय कर लिया। आरोपी लहरू यादव ने नाबालिग को खरीदने के बदले उसकी मां को 16 हजार रुपये नकद और 10 बनारसी साड़ियां दीं।
सौदा होने के बाद लहरू यादव नाबालिग को चंदौली ले गया। वहां समाज की नजरों से बचने के लिए उसने एक मंदिर में पीड़िता से जबरन शादी की। खुद को युवा दिखाने के जुनून में उसने दिल्ली जाकर हेयर ट्रांसप्लांट भी कराया। इसके बाद वह डरा-धमकाकर चार महीने तक दिन में कई-कई बार नाबालिग के साथ दुष्कर्म करता रहा। पूछताछ में सामने आया है कि लहरू ने हाल ही में अपनी जमीन 17 लाख रुपये में बेची थी, जिसे वह इस तरह की अय्याशियों में उड़ा रहा था।
एक नरक से छूटकर दूसरे दलदल में फंसी मासूम
चार महीने तक प्रताड़ित करने के बाद लहरू यादव पीड़िता से पीछा छुड़ाना चाहता था। वह उसे वाराणसी के मंडुआडीह स्टेशन पर लेकर आया। वहां उसने मदद के बहाने लड़की को रवि वर्मा नाम के एक ऑटो चालक को सौंप (बेच) दिया और खुद फरार हो गया।
सारनाथ थाना क्षेत्र के पहाड़िया (लाल क्वार्टर) का रहने वाला ऑटो चालक रवि वर्मा भी दरिंदा निकला। वह मदद का ढोंग रचकर नाबालिग को अपने कमरे पर ले गया और उसे बंधक बनाकर उसके साथ कुकर्म करने लगा।
सजग पड़ोसियों ने बचाया, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
इस घिनौने कृत्य का भंडाफोड़ तब हुआ जब रवि के कमरे से नाबालिग की चीखें सुनाई दीं। पड़ोसियों ने घर में एक अनजान बच्ची को बंधक और रोते हुए देखा, तो उन्हें शक हुआ। स्थानीय नागरिकों ने बिना देर किए इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी।
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी रवि वर्मा को हिरासत में लेकर नाबालिग को मुक्त कराया। थाने आकर जब पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई, तो पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए।
गिरफ्तार आरोपियों में चंदौली के बलुआ का लहरू यादव मुख्य खरीदार था, इसके बाद झारखंड का रहने वाला रवि वर्मा जो कि दूसरा खरीदार था। इन दोनों ने ही बच्ची की मां से उसकी खरीदारी की और उससे महीनों दुष्कर्म किया।
पुलिस ने पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर तत्काल मानव तस्करी और दुष्कर्म की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। रवि से मिली जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी लहरू यादव और फिर कलयुगी मां को भी दबोच लिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि प्रशासनिक देखरेख में पीड़िता को सुरक्षित रखने के लिए वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है।








